Answered • 13 Sep 2025
Approved
जन्माष्टमी का व्रत एक दिन का होता है। यह सूर्योदय से शुरू होकर अगले दिन सूर्योदय तक या फिर रात में कृष्ण जन्म के बाद तक रखा जाता है। व्रत का पालन करने वाले लोग पूरे दिन अन्न का सेवन नहीं करते हैं। कुछ लोग पानी भी नहीं पीते हैं, जिसे निर्जला व्रत कहते हैं। रात में पूजा के बाद व्रत का पारण किया जाता है।